Durga Saptashti Chapter 5 – श्री दुर्गा सप्तशती पांचवा अध्याय

Durga Saptashti Chapter 5 – श्री दुर्गा सप्तशती पांचवा अध्याय Durga-Saptashti-Chapter-5 देवताओं द्वारा देवी की स्तुति महर्षि मेघा ने कहा- पूर्वकाल में शुम्भ निशुंभ नमक असुरों ने अपने बल के मद से इंद्र का त्रिलोकी का राज्य और यज्ञों के भाग छीन लिए और वह दोनों इसी प्रकार सूर्य, चंद्रमा, धर्मराज और वरुण के अधिकार… Continue reading Durga Saptashti Chapter 5 – श्री दुर्गा सप्तशती पांचवा अध्याय