Darshan Do Ghanshyam Lyrics

Darshan Do Ghanshyam Lyrics in Hindi दरशन दो घनश्याम नाथ मोरी, अँखियाँ प्यासी रे मन मंदिर की ज्योति जगादो, घट घट बासी रे मंदिर मंदिर मूरत तेरी फिर भी ना दीखे सूरत तेरी युग बीते ना आई मिलन की पूरणमासी रे … द्वार दया का जब तू खोले पंचम सुर में गूंगा बोले अंधा देखे… Continue reading Darshan Do Ghanshyam Lyrics