Bhaktamar Stotra Lyrics

Bhaktamar Stotra Lyrics भक्तामर – प्रणत – मौलि – मणि -प्रभाणा- मुद्योतकं दलित – पाप – तमो – वितानम्। सम्यक् -प्रणम्य जिन – पाद – युगं युगादा- वालम्बनं भव – जले पततां जनानाम्।। 1॥ य: संस्तुत: सकल – वाङ् मय – तत्त्व-बोधा- दुद्भूत-बुद्धि – पटुभि: सुर – लोक – नाथै:। स्तोत्रैर्जगत्- त्रितय – चित्त –… Continue reading Bhaktamar Stotra Lyrics