Na Mantram No Yantram Lyrics in Hindi

Na Mantram No Yantram Lyrics in Hindi न मत्रं नो यन्त्रं तदपि च न जाने स्तुतिमहो न चाह्वानं ध्यानं तदपि च न जाने स्तुतिकथाः । न जाने मुद्रास्ते तदपि च न जाने विलपनं परं जाने मातस्त्वदनुसरणं क्लेशहरणम् ॥१॥ विधेरज्ञानेन द्रविणविरहेणालसतया विधेयाशक्यत्वात्तव चरणयोर्या च्युतिरभूत् । तदेतत् क्षन्तव्यं जननि सकलोद्धारिणि शिवे कुपुत्रो जायेत क्वचिदपि कुमाता न भवति… Continue reading Na Mantram No Yantram Lyrics in Hindi

Sri Suktam Lyrics In Hindi

Sri Suktam Lyrics In Hindi Shri Suktam in hindi – ।। अथ श्री सूक्तम् ।। ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम। चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह।१। तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम। यस्या हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषानहम् ।२। अश्वपूर्वां रथमध्यां हस्तिनादप्रबोधिनीम। श्रियं देवीमुपह्वये श्रीर्मा देवीर्जुषताम ।३। कां सोस्मितां हिरण्यप्राकारामार्दा ज्वलन्तीं तृप्तां तर्पयन्तीम। पद्मे स्थितां पद्मवर्णां तामिहोपह्वये श्रियम्।४।… Continue reading Sri Suktam Lyrics In Hindi

Durga Saptashati Adhyay 1 To 13 In Hindi

Durga Saptashati Adhyay 1 To 13 In Hindi Durga Saptashti Chapter 1- श्री दुर्गा सप्तशती पहला अध्याय Durga Saptashti Chapter 2- श्री दुर्गा सप्तशती दूसरा अध्याय Durga Saptashti Chapter 3- श्री दुर्गा सप्तशती तीसरा अध्याय Durga Saptashti Chapter 4- श्री दुर्गा सप्तशती चौथा अध्याय Durga Saptashti Chapter 5- श्री दुर्गा सप्तशती पांचवा अध्याय Durga Saptashti… Continue reading Durga Saptashati Adhyay 1 To 13 In Hindi

Durga Saptashti Chapter 13 – श्री दुर्गा सप्तशती तेरहवां अध्याय

Durga Saptashti Chapter 13 – श्री दुर्गा सप्तशती तेरहवां अध्याय श्री दुर्गा सप्तशती- तेरहवां अध्याय सुरथ और वैश्य को देवी का वरदान महर्षि मेधा ने कहा- हे राजन्! इस प्रकार देवी के उत्तम माहात्म्य का वर्णन मैने तुमको सुनाया। जगत को धारण करने वाली इस देवी का ऎसा ही प्रभाव है, वही देवी ज्ञान को… Continue reading Durga Saptashti Chapter 13 – श्री दुर्गा सप्तशती तेरहवां अध्याय

Durga Saptashti Chapter 12 – श्री दुर्गा सप्तशती बारहवाँ अध्याय

Durga Saptashti Chapter 12 – श्री दुर्गा सप्तशती बारहवाँ अध्याय श्री दुर्गा सप्तशती- बारहवाँ अध्याय देवी के चरित्रों के पाठ का माहात्म्य देवी बोली- हे देवताओं! जो पुरुष इन स्तोत्रों द्वारा एकाग्रचित्त होकर मेरी स्तुति करेगा उसके सम्पूर्ण कष्टों को नि:संदेह हर लूँगी। मधुकैटभ के नाश, महिषासुर के वध और शुम्भ तथा निशुम्भ के वध… Continue reading Durga Saptashti Chapter 12 – श्री दुर्गा सप्तशती बारहवाँ अध्याय

Durga Saptashti Chapter 11 – श्री दुर्गा सप्तशती ग्यारहवाँ अध्याय

Durga Saptashti Chapter 11 – श्री दुर्गा सप्तशती ग्यारहवाँ अध्याय श्री दुर्गा सप्तशती- ग्यारहवाँ अध्याय देवताओं का देवी की स्तुति करना तथा देवी का देवताओं को वरदान देना महर्षि मेधा कहते हैं- दैत्य के मारे जाने पर इन्द्रादि देवता अग्नि को आगे कर के कात्यायनी देवी की स्तुति करने लगे, उस समय अभीष्ट की प्राप्ति… Continue reading Durga Saptashti Chapter 11 – श्री दुर्गा सप्तशती ग्यारहवाँ अध्याय

Durga Saptashti Chapter 10 – श्री दुर्गा सप्तशती दसवाँ अध्याय

Durga Saptashti Chapter 10 – श्री दुर्गा सप्तशती दसवाँ अध्याय श्री दुर्गा सप्तशती- दसवाँ अध्याय शुम्भ वध महर्षि मेधा ने कहा- हे राजन्! अपने प्यारे भाई को मरा हुआ तथा सेना को नष्ट हुई देखकर क्रोध में भरकर दैत्यराज शुम्भ कहने लगा-दुष्ट दुर्गे! तू अहंकार से गर्व मत कर क्योंकि तू दूसरों के बल पर… Continue reading Durga Saptashti Chapter 10 – श्री दुर्गा सप्तशती दसवाँ अध्याय

Durga Saptashti Chapter 9 – श्री दुर्गा सप्तशती नवां अध्याय

Durga Saptashti Chapter 9 – श्री दुर्गा सप्तशती नवां अध्याय Durga-Saptashti-Chapter-9 (निशुम्भ वध) राजा ने कहा- हे ऋषिराज ! अपने रक्तबीज के वध से सम्बन्ध रखने वाला वृतांत मुझे सुनाया। अब मैं रक्तबीज के मरने के पश्चात क्रोध में भरे हुए शुम्भ व निशुम्भ ने जो कर्म किया, वह सुनना चाहता हूँ। महर्षि मेघा ने… Continue reading Durga Saptashti Chapter 9 – श्री दुर्गा सप्तशती नवां अध्याय

Durga Saptashti Chapter 8 – श्री दुर्गा सप्तशती आठवाँ अध्याय

Durga Saptashti Chapter 8 – श्री दुर्गा सप्तशती आठवाँ अध्याय श्री दुर्गा सप्तशती- आठवाँ अध्याय रक्तबीज वध महर्षि मेधा ने कहा- चण्ड और मुण्ड नामक असुरों के मारे जाने से और बहुत सी सेना के नष्ट हो जाने से असुरों के राजा, प्रतापी शम्भु ने क्रोध युक्त होकर अपनी सम्पूर्ण सेना को युद्ध के लिये… Continue reading Durga Saptashti Chapter 8 – श्री दुर्गा सप्तशती आठवाँ अध्याय

Durga Saptashti Chapter 7 – श्री दुर्गा सप्तशती सातवाँ अध्याय

Durga Saptashti Chapter 7 – श्री दुर्गा सप्तशती सातवाँ अध्याय श्री दुर्गा सप्तशती- सातवाँ अध्याय चण्ड और मुण्ड का वध महर्षि मेधा ने कहा- दैत्यराज की आज्ञा पाकर चण्ड और मुण्ड चतुरंगिनी सेना को साथ लेकर हथियार उठाये हुए देवी से लड़ने के लिए चल दिये। हिमालय पर्वत पर पहुँच कर उन्होंने मुस्कुराती हुई देवी… Continue reading Durga Saptashti Chapter 7 – श्री दुर्गा सप्तशती सातवाँ अध्याय