सहमी सहमी कहा चली – अनमोल मोती lyrics | अनमोल मोती – सहमी सहमी कहा चली lyrics in Hindi

सहमी सहमी कहा चली
छोड़ के दिल वालों की गली
कब तक आँख चुराये गई
कभी न कभी तो फस गई मेरे जाल में
कभी न कभी तो फस गई मेरे जाल में

सहमी सहमी कहा चली
छोड़ के दिल वालों की गली
कब तक आँख चुराये गई
कभी न कभी तो फस गई मेरे जाल में
कभी न कभी तो फस गई मेरे जाल में

हाय तेरा ये अल्हडपन
तौबा तौबा ये चितवन
आँख में शोले नाचे
जुल्फ में खेले सावन

हाय तेरा ये अल्हडपन
तौबा तौबा ये चितवन
आँख में शोले नाचे
जुल्फ में खेले सावन
फिर कर हा बरस भी जा
कब तक यु तरसाएगी
कभी न कभी तो फस गई मेरे जाल में
कभी न कभी तो फस गई मेरे जाल में

ओह सहमी सहमी कहा चली
छोड़ के दिल वालों की गली
कब तक आँख चुराये गई
कभी न कभी तो फस गई मेरे जाल में
कभी न कभी तो फस गई मेरे जाल में

खुले खुले से ये गेसू
महकी महकी ये खुशबु
कोई चुरलेगा एक दिन
देख अभी अनजान है तू
खुले खुले से ये गेसु है
महकी महकी ये खुशबु
कोई चुरलेगा एक दिन
देख अभी अनजान है तू
मत घबरा पास तो आ
कब तक यु सरमायेगी
कभी न कभी तो फस गई मेरे जाल में
कभी न कभी तो फस गई मेरे जाल में
ओह सहमी सहमी कहा चली
छोड़ के दिल वालों की गली
कब तक आँख चुराये गई
कभी न कभी तो फस गई मेरे जाल में
कभी न कभी तो फस गई मेरे जाल में

नयी जवानी की हल चल
जैसे बिन बरसे बादल
कहती है हर अंगडाई
साथ हमें भी ले ति चल
नयी जवानी की हल चल
जैसे बिन बरसे बादल
कहती है हर अंगडाई
साथ हमें भी ले ति चल

आँख मिला मान भी जा
कब तक हाथ न आये गई
कभी न कभी तो फस गई मेरे जाल में
कभी न कभी तो फस गई मेरे जाल में

ओह सहमी सहमी कहा चली
छोड़ के दिल वालों की गली
कब तक आँख चुराये गई
कभी न कभी तो फस गई मेरे जाल में
कभी न कभी तो फस गई मेरे जाल में
ओह सहमी सहमी कहा चली.

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