मेरी गली में आया चोर – धरती lyrics | धरती – मेरी गली में आया चोर lyrics in Hindi

मेरी गली में आया चोर
तन का चोर मनन का चोर
दिल को चुरा कर भागा
मेरे दिल को चुरा कर भागा
मेरी गली में आया चोर
तन का चोर मनन का चोर
दिल को चुरा कर भागा
मेरे दिल को चुरा कर भागा
मेरी गली में आया चोर
तन का चोर मनन का चोर

पहले उसने ा केर पकड़ी
मोरी बईया जौरा जौरी
बैया जोरा जोरि
लाख दुहाई दी पर
एक नहीं मानी मोरि
एक नहीं मानी मोरि
हाथा पाई क्या करती
चुप न रहती तो मरती
बेबस का क्या झोर

मेरी गली में आया चोर
तन का चोर मनन का चोर
मेरी गली में आया चोर
तन का चोर मनन का चोर
दिल को चुरा कर भागा
मेरे दिल को चुरा कर भागा
मेरी गली में आया चोर
तन का चोर मनन का चोर

कैसे करूँ शिकायत उसकी
डर लागे बदनामी से
डर लागे बदनामी से
मर जाउंगी ख़बरदार की
रोज बरोज की गुलामी से
रोज बरोज की गुलामी से
सारे जग से क्या कहना
ाचा है बरमे चुप रहना
कहे करना शोर
मेरी गली में आया चोर
तन का चोर मनन का चोर
मेरी गली में आया चोर
तन का चोर मनन का चोर
दिल को चुरा कर भागा
मेरे दिल को चुरा कर भागा
मेरी गली में आया चोर
तन का चोर मनन का चोर

जिसने चोरी की है अब वो
चैन से है रहने वाला
जो करता है वो बरता है
कह गया ये कहने वाला
एक दिन वो पछतायेगा
घोड़ा दौड़ा आएगा
चोर को पद गया मोर

मेरी गली में आया चोर
तन का चोर मनन का चोर
मेरी गली में आया चोर
तन का चोर मनन का चोर
दिल को चुरा कर भागा
मेरे दिल को चुरा कर भागा
मेरी गली में आया चोर
तन का चोर मनन का चोर.

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