चाल चाल मारी लीलन घोड़ी सासरिया में जाणो ये

चाल चाल मारी लीलन घोड़ी सासरिया में जाणो ये

 
चाल चाल मारी लीलन घोड़ी,
सासरिया में जाणो ये,
भावजडी रा बोला ऊपर,
पेमल लाणो ये,
ओ जाणो माने सासरिये,
चाल चाल म्हारी लीलन घोड़ी,
सासरिया में जाणो ये।।

मैं जाटा को सूरमो ये,
बोल सयो नही जावे ये,
शेल मारे लाग्या कालजे,
रूक नही पाउं ये,
थे केणो मारो मानो ये,
चाल चाल म्हारी लीलन घोड़ी,
सासरिया में जाणो ये।।

शगुन खोडला जोशीडो बतावे,
बात समज नही आवे ये,
धोल्या जाट मारो वंश कहिज्ये,
एक न मानु ये,
चाल चाल म्हारी लीलन घोड़ी,
सासरिया में जाणो ये।।

हो लीलण असवार तेजाजी,
सासरिया में जावे वो,
गायां कि रक्षा रे खातिर,
प्राण गमावे वो,
चाल चाल म्हारी लीलन घोड़ी,
सासरिया में जाणो ये।।

धन-धन हो तेजल तपधारी,
जयसिंह महीमा गावे वो,
सतवादी तेजल तपधारी,
लाज बचावे वो,
चाल चाल म्हारी लीलन घोड़ी,
सासरिया में जाणो ये।।

चाल चाल मारी लीलन घोड़ी,
सासरिया में जाणो ये,
भावजडी रा बोला ऊपर,
पेमल लाणो ये,
ओ जाणो माने सासरिये,
चाल चाल म्हारी लीलन घोड़ी,
सासरिया में जाणो ये।।

गायक / प्रेषक – जय सिंह रघुवंशी गोयला

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